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प्रधानमंत्री सड़क योजना के पुल निर्माण में खुली भारी लापरवाही की पोल, परासरी से झलमादा मार्ग पर बन रहा पुल घटिया निर्माण का उदाहरण बनता जा रहा / Shivpuri News

शिवपुरी: जिले के पोहरी अनुबिभाग के परासरी से झलमादा तक प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत बनाए जा रहे सड़क एवं पुल के निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएँ सामने आई हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप लगाया है, जिससे पुल की गुणवत्ता और भविष्य दोनों पर सवाल खड़े हो गए हैं।

ग्रामीणों के अनुसार पुल निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। काली गिट्टी के स्थान पर सफेद गिट्टी और अत्यधिक बारीक काली डस्ट का उपयोग किया जा रहा है। वहीं, सीमेंट की मात्रा भी मानक से काफी कम डाली जा रही है, जिससे कंक्रीट की मजबूती पर सीधा असर पड़ रहा है।

चौंकाने वाली बात यह है कि पुल के जिस हिस्से में निर्माण किया जा रहा है, वहां पहले से पानी भरा हुआ है। ऐसे में सवाल उठता है कि पानी में डाले गए मसाले की पकड़ कैसे बनेगी। जानकारों का कहना है कि इस तरह का निर्माण पुल की नींव को कमजोर कर देगा, जिससे भविष्य में पुल के धराशायी होने का खतरा बना रहेगा।

ग्राम परासरी और झलमादा के ग्रामीणों ने ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार जानबूझकर घटिया सामग्री का उपयोग कर शासन की आंखों में धूल झोंक रहा है और करोड़ों रुपये की सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है।

ग्रामीण बोले…
“पुल में जो सामग्री लग रही है, वह देखकर साफ लगता है कि यह ज्यादा दिन नहीं टिकेगा। अगर अभी ध्यान नहीं दिया गया तो बड़ा हादसा हो सकता है।”

“पानी भरे ढांचे पर मसाला डाला जा रहा है, सीमेंट भी कम है। यह खुला भ्रष्टाचार है, जांच होनी चाहिए।”

“यह पुल हमारे आने-जाने का मुख्य साधन है। अगर कमजोर बना तो सबसे ज्यादा नुकसान गांव वालों को ही होगा।”

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि पुल निर्माण कार्य की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही दोषी ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर गुणवत्ता पूर्ण निर्माण सुनिश्चित किया जाए, ताकि शासन की राशि का सही उपयोग हो और ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन मिल सके।