सिद्धिविनायक हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने बचाई नौजवान की जानउ
शिवपुरी। यूं ही नहीं डॉक्टर को धरती पर भगवान का दर्जा दिया जाता है जान देने वाला और लेने वाला तो ऊपर वाला है लेकिन उन सांसो को वापस लाने वाला भी एक डॉक्टर हो सकता है जिसे भगवान का दर्जा दिया गया है और यह सिद्ध किया है सिद्धिविनायक की डॉक्टर टीम ने जिन्होंने लगभग मृत अवस्था में पहुंच चुके एक 35 वर्षीय युवक में वापस प्राण फूंक दिए दोबारा जीवन मिलने के बाद वह युवक अब डॉक्टरों की तारीफ करते नहीं थक रहा है। हुआ यूँ कि 12 जनवरी को शिवपुरी के सिद्धिविनायक हॉस्पिटल में पहुंचे एक युवक असगर खान की जान लगभग जा चुकी थी उसकी सांसे भी रुक चुकी थी परिजन बेतहाशा परेशान थे तभी सिद्धिविनायक हॉस्पिटल की डॉक्टर टीम ने लगातार प्रयास करने के बाद उस युवक की सांसे वापस नहीं आ रही थी तब उसकी जान वापस लाने के लिए डॉक्टरों ने वह सब कुछ किया जो एक डॉक्टर को करना चाहिए थोड़ी ही देर बाद युवक में सांस वापस आ गई तो डॉक्टर भी अचंभित हुए बिना नहीं रह सकते उन्होंने ने कहा कि यह कोई चमत्कार है तो युवक ने उसे ठीक होने का पूरा श्रेय मात्र डॉक्टरों को दिया और कहा कि आप नहीं होते तो मैं नहीं बचता। पूरी तरह ठीक होने के बाद असगर ने सभी डॉक्टर और उनकी टीम को कहा धन्यवाद सिद्धिविनायक जो आपने मेरी जान बचाई। यह मामला है 12 जनवरी का जब कड़कड़ाती ठंड में सांय 6बजे से 7 बजे के बीच के बीच में इंदिरा कॉलोनी निवासी असगर खान अपनी गाड़ी से सिद्धिविनायक हॉस्पिटल पहुंचे सीने को दर्द को लेकर आनन-फानन में डॉक्टर ने तत्काल उनको भर्ती किया उपचार करने के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी और शायद उनकी सांसे अपना शरीर बीच में छोड़ गई लेकिन लेकिन आनन-फानन में डॉक्टर के प्रयासों से उसकी सांसे फिर वापस लौट आइ। तत्काल उसको उपचार करके ग्वालियर अपोलो भेज दिया गया जहां पर आज वह स्वस्थ है और उसने कहा कि मैं धन्यवाद देना चाहता हूं उस डॉक्टर का और उस हॉस्पिटल का जिसने मेरी जान बचाई है।
धन्यवाद सिद्धिविनायक जो आपने मेरी जान बचाई ,दोबारा जीवन देने के लिए डॉक्टर्स टीम का धन्यवाद:असगर / Shivpuri News




