शिवपुरी। सिरसौद भाजपा मंडल अध्यक्ष के चयन को लेकर चल रहा विवाद अब एक नया मोड़ ले चुका है। पहले जहां 32 बूथ अध्यक्षों ने हस्ताक्षर करके मंडल अध्यक्ष ब्रजेश लोधी को हटाने की मांग करते हुए वरिष्ठ नेताओं को व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत भेजी थी, अब वही बूथ अध्यक्ष अपने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर यह दावा कर रहे हैं कि हस्ताक्षर उनके द्वारा नहीं किए गए थे। सूत्रों के अनुसार, संगठन के दबाव में यह वीडियो बनाए जा रहे हैं, जबकि शिकायत सिरसौद मंडल के ही कार्यकर्ताओं द्वारा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को भेजी गई थी।
मंडल अध्यक्ष पद को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि मंडल अध्यक्ष पद की दौड़ में प्रमुख रूप से सक्रिय युवा नेता अमन लोधी, अनिल लोधी, हुकुमचंद लोधी, मलखान परिहार और सुरेंद्र कुशवाहा के नाम चर्चा में थे। इनमें अमन लोधी को सिंधिया खेमे का समर्थन प्राप्त था, जबकि अनुसूचित जाति से मलखान परिहार का नाम मजबूत दावेदारी के रूप में उभरा था। पैनल में तीन नाम- हुकुमचंद लोधी, सुरेंद्र कुशवाहा और अमन लोधी जिला संगठन के पास भेजे गए थे। लेकिन अचानक से ब्रजेश लोधी का नाम फाइनल होने से कार्यकर्ताओं में असंतोष फैल गया है।
पहले 32 बूथ अध्यक्षों ने संयुक्त रूप से एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर संगठन मंत्री हितानंद शर्मा, प्रदेश चुनाव प्रभारी विवेक नारायण शेजवलकर, शिवपुरी जिला प्रभारी शैलेंद्र शर्मा, और भाजपा जिला अध्यक्ष राजू बाथम को भेजकर ब्रजेश लोधी को हटाने की मांग की थी। कार्यकर्ताओं का कहना था कि ब्रजेश लोधी संगठन में सक्रिय नहीं रहे हैं और उनका चयन कार्यकर्ताओं की राय के खिलाफ हुआ है।
अब हस्ताक्षर विवाद के बाद बूथ अध्यक्ष सोशल मीडिया पर अपने वीडियो वायरल कर कह रहे हैं कि उनसे किसी भी प्रकार के दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं कराए गए हैं। दूसरी ओर, कार्यकर्ताओं का एक धड़ा इसे दबाव में उठाया गया कदम बता रहा है। संगठन के भीतर यह चर्चा है कि कार्यकर्ताओं की नाराजगी का समाधान जल्द नहीं हुआ तो इसका असर आगामी चुनावों पर पड़ सकता है।
मंडल कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे पद की लालसा नहीं रखते, लेकिन निष्पक्ष चयन की अपेक्षा करते हैं। वहीं, दबी जुबान में कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनके सुझावों और योगदान को नजरअंदाज किया गया है, जिससे वे आहत हैं। अब यह देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व इस विवाद को कैसे संभालता है और कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है।
इनका कहना है ।
(1) हम श्रीमंत सिंधिया जी आदेश पर चलने वाले भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता है हमे पद की नही पार्टी की सेवा की आवश्यकता है लेकिन आज जो उम्र है यहां मौका मिलना था थोड़ा दुःखी है पैनल में नाम होने के बाद करैरा विधानसभा के ही कुछ षड्यंत्रकारीयो द्वारा मेरा नाम कटवाया गया , लेकिन हम पार्टी से जो भी दायित्व मिलेगा उसकी ईमानदारी से सेवा करेगी
अमन लोधी दावेदार सिरसौद मंडल
(2) पता नही क्या कमी रह गई पैनल में नाम तो गया था ऐसी जानकारी तो मिली थी लेकिन नरवर में हमारे समाज का एक व्यक्ति बन चुका है जातीगत दृष्टिकोण से शायद मेरा नाम रह गया हो लेकिन में भी करैरा विधायक रमेश खटीक के खेमे से आता हूं और ब्रजेश लोधी भी उनके खेमे से आते है शायद वह मुझसे ज्यादा खास होगे विधायक जी के इसलिये उन्हें मौका विधायक जी ने दिलवाया
सुरेंद्र कुशवाहा दावेदार सिरसौद मंडल
(3) हमे पार्टी की सेवा करनी है जो पार्टी ने बना दिया अब उसी के साथ है । मन मे इच्छा थी सेवा करने की लेकिन कोई बात नही अगली बार देखा जायेगा ।
अनिल लोधी दावेदार सिरसौद मंडल
(4) 2003 से जब उमा भारती जी की सरकार थी जब मेरी उम्र महज 14 वर्ष थी और आज 35 वर्ष है लेकिन उसके बाद भी तब से आजतक पार्टी के लिये मेहनत की लेकिन थोड़ा दुख लगता है पद नही मिला , लेकिन सेवा जारी रहेगी , काम करने के लिये पद की नही खुद की स्वयं इच्छा शक्ति पर निर्भर करना पड़ता है कि हमे सेवा करना है । हम सेवा बिना पद के करते रहेंगे
मलखान परिहार दावेदार सिरसौद मंडल
(5) 53 में से 45 बूथ अध्यक्ष ने मेरे पक्ष में समर्थन किया मेरा नाम अमन लोधी और सुरेंद्र कुशवाहा का नाम पैनल में जिले से गया लेकिन भोपाल से डायरेक्ट नाम की एकाएक अलग घोषणा होना कही न कही दुःखी करने वाली बात है आखिर यह रायशुमारी होती है उसी में जो नाम निकलते है उन्ही को बनाना होता तो ठीक रहता , वर्ना फिर कैसी रायशुमारी , खैर हम पार्टी की सेवा करेंगे मेरे मंडल अध्यक्ष के कार्यकाल में ही विधायक रमेश खटीक सिरसौद मंडल से भारी बहुमत से विजयी हुए है जबकी हर जगह उनकी हार होती आ रही थी सिरसौद ने ही लाज बचाई
हुकुम चंद लोधी दावेदार एवं पूर्व मंडल अध्यक्ष सिरसौद
सिरसौद मंडल अध्यक्ष विवाद: हस्ताक्षर विवाद के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे बूथ अध्यक्षों के वीडियो / Shivpuri News




