- कश्मीर के मौजूदा हालात को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने स्थगन नोटिस दिया
- सुबह करीब 10 बजे प्रधानमंत्री आवास पर कैबिनेट और सुरक्षा समिति की अहम बैठक हुई
- अमित शाह आज राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर आरक्षण संशोधन विधेयक भी पेश करेंगे
नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात पर कैबिनेट बैठक के बाद गृह मंत्री अमित शाह कुछ देर में राज्यसभा और 12 बजे लोकसभा में बयान देंगे। राज्यसभा के सभापति ने आवश्यक कामकाज को लेकर शून्यकाल को आगे बढ़ाया है। संसद में कश्मीर के मुद्दे पर हंगामे के आसार हैं। राज्य के संवेदनशील इलाकों में रविवार रात 12 बजे धारा 144 लागू कर दी गई। महबूबा मुफ्ती, उमर और फारूक अब्दुल्ला समेत कई नेता नजरबंद हैं।
संसद भवन पहुंचने पर पत्रकारों ने शाह से कश्मीर पर बड़े फैसले को लेकर सवाल पूछा, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और मुस्कुरा कर अंदर चले गए। कांग्रेस ने दोनों सदनों में स्थगन नोटिस दिया और कार्यवाही से पहले गुलाम नबी आजाद के चेंबर में बैठक की। इसके अलावा महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी, एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी, माकपा समेत कई दलों के नेता संसद में कश्मीर का मुद्दा उठाएंगे।
अमित शाह जम्मू-कश्मीर आरक्षण विधेयक पेश करेंगे
गृह मंत्री राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर में आर्थिक पिछड़े वर्गों काे 10% आरक्षण संबंधी बिल पेश करेंगे। यह बिल 28 जून में लोकसभा से पास हो चुका है। मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर आरक्षण संशोधन बिल 2019 में कश्मीर में सीमा से सटे इलाकों के नागरिकों को विशेष आरक्षण देने का प्रावधान किया है। ताकि उन्हें भी आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक तौर पर बराबरी का मौका मिल सके। शाह ने लोकसभा में कहा था कि नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रहने वाले लोगों को शेल्टर होम में रहना पढ़ता है। कई दिनों तक बच्चों को यहां रहना पड़ता है। स्कूल बंद रहते हैं। उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। इसलिए उन्हें आरक्षण दिया जा रहा है। इससे साढ़े तीन लाख लोगों को फायदा होगा।
जम्मू-कश्मीर के हर वर्ग को आरक्षण का लाभ मिलेगा
गृह मंत्रालय द्वारा पेश किए गए बिल के तहत जम्मू-कश्मीर आरक्षण अधिनियम 2004 में संशोधन किया गया है। राज्यसभा में बिल पास होने से अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास रहने वाले लोगों को भी आरक्षण का लाभ मिल सकेगा। आरक्षण नियम में संशोधन कहता है कि कोई भी व्यक्ति जो पिछड़े क्षेत्रों, नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतराष्ट्रीय सीमा (आईबी) से सुरक्षा कारणों से चला गया हो उसे भी आरक्षण का फायदा मिल सकेगा।
गृह मंत्रालय द्वारा पेश किए गए बिल के तहत जम्मू-कश्मीर आरक्षण अधिनियम 2004 में संशोधन किया गया है। राज्यसभा में बिल पास होने से अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास रहने वाले लोगों को भी आरक्षण का लाभ मिल सकेगा। आरक्षण नियम में संशोधन कहता है कि कोई भी व्यक्ति जो पिछड़े क्षेत्रों, नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतराष्ट्रीय सीमा (आईबी) से सुरक्षा कारणों से चला गया हो उसे भी आरक्षण का फायदा मिल सकेगा।



