-स्वयं, पत्नी और रिश्तेदारों के खातों में जमा की राशि, ऑडिट के दौरान पकड़ी गई धोखाधड़ी, मामला दर्ज
शिवपुरी । दो दिन पहले पिछोर तहसील के बाबू अजीतराम कुसुमी के विरूद्ध सूखा राहत राशि के 30 लाख रूपए गवन के मामले में आपराधिक मामला दर्ज किया गया था। वहीं अब कोलारस तहसील में पदस्थ नायब नाजिर दिलीप जाटव ने किसानों को मिलने वाली 83 लाख रूपए की सूखा राहत राशि का गवन का मामला दर्ज किया गया है। उस पर आरोप है कि उसने अपने और अपने रिश्तेदारों के खातों में सूखा राहत की राशि ट्रंासफर कर दी। यह धोखाधड़ी ऑडिट टीम ने जांच के दौरान पकड़ी। जिसकी जिला स्तर पर गठित टीम ने जांच करने के बाद बीते रोज कोलारस थाने में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। जिस पर पुलिस ने भादवि की धारा 420, 409 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है।
कोलारस तहसीलदार अखिलेश शर्मा ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2017-18 और 2018-19 में सूखे के हालात को देखते हुए शासन द्वारा किसानोंं को सूखा राहत राशि वितरण करने के लिए कोलारस और बदरवास क्षेत्र के लिए करोड़ों रूपए की राशि आई थी। उस समय तहसील के नायब नाजिर दिलीप जाटव ने कम्प्यूटर में गड़बडी कर राहत राशि की लगभग 82 लाख 76 हजार रूपए की राशि अपने और अपने परिवारजनों व रिश्तेदारों के खातों में ट्रंासफर कर दी। आरोपी ने अपने स्वयं के खाते में लगभग 2 लाख रूपए और पत्नी के खाते में 1 लाख रूपए करीब ट्रांसफर किया। इसके साथ ही परिवार के अन्य सदस्य और रिश्तेदारों को भी राहत राशि ट्रांसफर की, जो कुल 82 लाख 76 हजार रूपए थी। उस समय ऑडिट टीम ने तहसील में ऑडिट किया तो कम्प्यूटर में खातों की गई गड़बड़ी सामने आई। जिसकी जानकारी ऑडिट टीम ने शासन को दी। जहां से पत्र मिलने के बाद कलेक्टर ने एक जिला स्तरीय कमेटी का गठन कर जांच के निर्देश दिए। जिसकी जांच एसडीएम के नेतृत्व में की गई तो उसमें सामने आया कि आरोपी ने उक्त राशि का गवन किया है। इसके बाद जांच टीम ने कलेक्टर को रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिसके बाद कलेक्टर ने मामले में एफआईआर के निर्देश दिए और निर्देश मिलने के बाद मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है।




