नामांतरण के लिए नगर पालिका स्टाफ मांग रहा सुविधा शुल्क

शिवपुरी। नगर पालिका में नामांतरण के लिए लोगों से सुविधा शुल्क मांगा जा रहा है। कार्यालय में सुविधा शुल्क के बिना काम नहीं हो रहे हैं।  स्टाफ का हौंसला इतना बुलंद है कि कार्यालय में ही लोगों से सुविधा शुल्क मांगने में नहीं कतराते। नगर पालिका में प्रतिदिन 3-4 मामले नामांतरण पहुंचते हैं लेकिन कई महीनों से नामांतरण नहीं किया जा रहे हैं। पूछा जाता है तो पीआईसी की बैठक का हवाला देते हैं और कहा जाता है कि बैठक नहीं होगी जब होगी उसके बाद नामांतरण किए जाएंगे। वहीं दूसरी तरफ स्टाफ के कर्मचारी नामांतरण बंद होने का बहाना बनाते हैं वहीं दूसरी तरफ ये लोगों से नामांतरण करवाने के एवज में 3 से 4 हजार रुपए तक वसूल लेते हैं। अगर रुपए नहीं दिए जाते हैं तो एक से छह महीने तक लगते हैं। प्रशासनिक अधिकारी के द्वारा ध्यान न दिए जाने का फायदा कर्मचारियों द्वारा उठाने की बात चर्चा में है। कर्मचारी ये कह देते हैं जो रुपए मांगे हैं वही लगेंगे, नहीं तो कुछ नहीं होगा।

यह नामांतरण की प्रक्रिया
प्लाट आवासीय या व्यवसायिक है और नगरीय सीमा में है तथा लीज होल्ड का है तो उस का रिकार्ड नगर पालिका या विकास न्यास के पास होना आवश्यक है। नपा या विकास न्यास के रिकार्ड में प्लाट आप के नाम दर्ज हो। भूखंड के रिकार्ड में विक्रेता के स्थान पर आप के नाम का दर्ज होना नामान्तरण कहलाता है।

इनका कहना हैं

आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है। अगर ऐसा चल रहा है तो संबंधित पर निगरानी रखी जाएगी और पकड़े जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सीपी राय, सीएमओ नगर पालिका शिवपुरी