एम्बुलेंस स्टाफ की कुशलता से रास्ते में कराई सुरक्षित डिलीवरी

शिवपुरी। पिछोर के पडऱा निवासी अनीता पत्नी बलराम झा उम्र 20 को रविवार की रात 8 बजे पिछोर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। अनीता का पहला प्रसव होना था। रात में ही अचानक उसका ब्लडप्रेशर बढ़ गया तो उसे जिला अस्पताल के लिए रैफर कर दिया गया। परिजन 108 एंबुलेंस से उसे लेकर शिवपुरी के लिए रवाना हुए। सोमवार सुबह करीब 5 बजे एंबुलेंस शिवपुरी से 10 किमी दूर बांकडे हनुमान मंदिर के गेट पर पहुंची थी, तभी अनीता की हालत बिगडऩे लगी। दर्द से कराहती बहू केपेट को जब सास सुमित्रा ने देखा तो उससे बच्चे की गर्दन बाहर आती दिखी। सास ने तुरंत एंबुलेंस रुकवाई और एंबुलेंस में तैनात ईएमटी भीम सिंह से कहा कि यहीं डिलीवरी करा दो। सास ने देखा कि बच्चे के गले में नाल लिपटी हुई थी, जिससे बच्चे को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। यह देखकर सास घबरा गई, लेकिन ईएमटी भीमसिंह ने धीरज रखते हुए गले से नाल हटाई। इसके बाद सास के सहयोग से सुरक्षित डिलीवरी करा दी। इसके बाद एंबुलेंस जिला अस्पताल आई, जहां जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। जिला अस्पताल आकर सास सुमित्रा ने ड्राइवर जगदीश और ईएमटी भीमसेन दोनों को शुक्रिया अदा किया