मुंबई। दर्शन पाटिल नाम के एक व्यक्ति ने अपने बैंक
एकाउंट से साइबर अपराधियों के द्वारा चुराए हुए 87,130 रुपए पाने का अंतिम
आशा भी खो दी है। बैंक के जांच में यह पता लगा कि इस लेनदेन को ऑनलाइन
माध्यम से पाटिल के एटीएम पिन के द्वारा किया गया है, इसलिए उनकी कमाई के
पैसे, बैंक द्वारा वापस नहीं किए जाएंगे। साईबर चोरों ने इस गबन को 9
सितंबर को पाटिल द्वारा खालपुर टोल प्लाजा पर टोल देने के 2 घंटे के भीतर
ही अंजाम दे दिया।
मंगलवार को मिड डे ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि
पाटिल के साथ यह घटना 9 सितंबर को टोल देने के लिए खानपुर टोल प्लाजा पर
एटीएम स्वाईप करने के 2 घंटे बाद हुआ। 9 सितंबर को पाटिल मुंबई से पुणे जा
रहे थे उन्होंने शाम 6.27 बजे खानपुर टोल प्लाजा पर 230 रुपए का टोल देने
के लिए अपना एटीएम स्वाइप किया था। इसके ठीक दो घंटो के भीतर ही लगभग 8.31
से 8.37 बजे रात में चोरी की घटना को अंजाम दिया गया।
घटना के बाद
पाटिल ने इसकी रिपोर्ट बैंक तथा हडपसर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी लेकिन
पुलिस द्वारा इस घटना में एफआईआर दर्ज नहीं की गई जबकि एफआईआर दर्ज करना
एसी किसी भी घटना में जरुरी होता है।
घटना के बाद भी पाटिल चुराया
पैसा बैंक से प्राप्त नहीं कर पायेंगे क्योंकि बैंक ने कहा है कि वह इसे
वापिस नहीं कर करेंगे क्योंकि अपराधियों ने उनके एटीएम पिन को चुराकर इसका
इस्तेमाल लेन-देन के लिए किया। अपराधियों यह इसलिए किया क्योंकि वह उनके
मोबाइल से ओटीपी नहीं पा सकते थे।
बैंक ने कहा कि, ‘यह सभी लेनदेन
सेकेंड फैक्टर प्रमाणीकरण (एटीएम पिन) के द्वारा किया गया था। इसलिए हम इस
मामले में धनवापसी नहीं कर सकते हैं। इस मामले में और जानकारी के लिए आप
बैंक मर्चेंटर से संपर्क करें।’ यह जानकारी दर्शन पाटिल को आईसीआईसीआई बैंक
के ग्राहक सेवा अधिकारी संतोष कुमार वी को भेजे गये ईमेल के जबाब में
प्राप्त हुआ।
पाटिल ने मिड डे को बताया कि यह बहुत ही निराशाजनक है
क्योंकि मैं मर्चेंटर को जानता भी नहीं हूं। मैं उनसे कैसे संपर्क करुंगा
या वह मेरा पैसा कैसे वापस देंगे। मेरी सारी मेहनत से कमाया धन चोरी हो
गया।
ATM स्वाइप लगा 87000 रुपए का चूना टोल प्लाजा पर
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