शिवपुरी: पोहरी अनुविभाग के अंतर्गत आने वाले बैराड़ थाना क्षेत्र के ग्राम बन्हेरा खुर्द स्थित रामपुरा आदिवासी बस्ती में शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात को करीब एक घंटे तक आतंक का माहौल रहा। हथियारों से लैस पांच बदमाशों ने गांव में धावा बोलते हुए पुरुषों और महिलाओं को बंधक बनाकर लूटपाट की। आरोप है कि एक 23 वर्षीय आदिवासी महिला के साथ दुष्कर्म का प्रयास भी किया गया, लेकिन उसके विरोध करने पर बदमाश अपने मंसूबों में सफल नहीं हो सके।
घटना के बाद पुलिस-प्रशासन हरकत में आया और सोमवार को पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़, एसडीओपी सुजीत सिंह भदौरिया व पोहरी एसडीएम मोतीलाल अहिरवार मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ितों से बातचीत कर दर्ज एफआईआर में धाराओं का इजाफा करने व राहत राशि दिलाने के निर्देश दिए।
लूटपाट के साथ दी दोबारा आने की धमकी –
पीड़ितों के अनुसार बदमाश नकाब पहने हुए थे और इशारों में एक-दूसरे से बात कर रहे थे, जिससे उनकी पहचान न हो सके। ग्रामीणों का मानना है कि आरोपी स्थानीय ही हो सकते हैं। बदमाशों ने गांव में लूट के बाद सीताराम, दौलत सिंह और दिलीप आदिवासी के घरों से मोबाइल, जेवर और बाइक लूट ली। जाते-जाते बदमाश दोबारा लूट की धमकी भी दे गए।
महिलाओं व पुरुषों को अलग-अलग किया बंधक
गांव में सबसे पहले बदमाश दिनेश आदिवासी के घर पहुंचे, जहां उन्होंने उसकी कनपटी पर बंदूक रखकर तलाशी ली और फिर आग जलवाकर अलाव तापते रहे। इसके बाद उन्होंने दिनेश को बंधक बनाकर अन्य घरों में धावा बोला। पुरुषों को एक झोंपड़ी में और महिलाओं को दूसरी झोंपड़ी में बंद कर दिया गया, जहां महिलाओं के साथ मारपीट कर उनके गहने लूट लिए गए।
पुलिस ने पहले चोरी का मामला दर्ज कर टालमटोल की
घटना के बाद रविवार सुबह पीड़ित बैराड़ थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने शुरुआत में केवल चोरी की धाराओं में मामला दर्ज किया।
एसपी ने दिए धाराओं के इजाफे के निर्देश, एसडीएम ने दी आर्थिक मदद
पीड़ितों की मांग पर मौके पर पहुंचे एसपी अमन सिंह राठौड़ ने महिला से बातचीत कर एफआईआर में छेड़छाड़ और लूट की धाराएं जोड़ने के निर्देश दिए। वहीं एसडीएम मोतीलाल अहिरवार ने चार पीड़ित आदिवासी परिवारों को आदिम जाति कल्याण विभाग से 10-10 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की।









