कोटा

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा- पहले चरण के मतदान के बाद राजा (मोदी) कांप रहा है। मतदान के बाद एजेंसियों ने पीएम को रिपोर्ट दी। उसके बाद से उनकी भाव-भंगिमा में बदल गई है। भाजपा में भय का माहौल है।
खेड़ा बोले- जब-जब राजा डरता है, हिन्दू-मुस्लिम की बात करता है। राजस्थान में आकर ज्यादा डरता। यह बात राजा जानता है कि राजस्थान मेरी अकड़ निकाल देगा।
कांग्रेस का मेनिफेस्टो पढ़ें मोदी
कोटा में निजी हॉस्टल में सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा- हम जानते हैं कि मोदी जी को पढ़ने-लिखने की आदत कम है। तब भी मोदी को कांग्रेस का मेनिफेस्टो पढ़ना चाहिए था। हमारे घोषणा पत्र में हिंदू-मुसलमान का जिक्र नहीं है। खड़गे साहब उन्हें मेनिफेस्टो भेज रहे हैं। मेनिफेस्टो में कहीं हिंदू-मुसलमान का जिक्र हो तो बताइए। कहीं संपत्ति को लेकर, छीनकर बाटेंगे, यह लिखा हो तो बताइए।
खेड़ा ने कहा कि हमारे घोषणा पत्र में 30 लाख खाली पद भरने, गरीब परिवार की महिलाओं को हर साल 1 लाख, किसानों को एमएसपी कानून बनाकर फसल की कीमत देने की गारंटी की बात लिखी है। इस देश में कोविड के दौरान मंगलसूत्र बिके थे। जब लोगों के पास खाने का दाना नहीं था। प्रधानमंत्री को शर्म नहीं आती? आपके रहते हुए इस देश में मंगलसूत्र बिके हैं। खेड़ा ने कहा कि देश का राजा झूठ बोलता है तो आने वाली पीढ़ियां बर्बाद कर देता है।
10 साल में कितनी नौकरी दी और महंगाई की?
भाजपा को 10 साल का अपना रिपोर्ट कार्ड सामने रखना चाहिए था। आने वाले 5 साल में क्या करना चाहते हैं, जनता को यह बताना चाहिए। लोकतंत्र ऐसे ही चलता है। बीजेपी ने 10 साल में कितनी नौकरियां दी, महंगाई कितनी कम की, पेट्रोल 100 पार क्यों हो गया, इनका जवाब देना चाहिए।
बीजेपी वाले खुद अपनी पोल खोलते
खेड़ा ने कहा कि मोदी, अमित शाह और पूरी भाजपा दो मुंह से बात करते है। इधर, ज्योति मिर्धा से कहते है, बोलो संविधान बदल देंगे, उधर खुद कहते है कोई नहीं बदलेगा। चोर को कहते हैं भाग जा, महाजन को कहते हैं जाग जा। यह भाजपा की नीति है।
बीजेपी वाले मुसलमानों के पीछे छिपकर दलितों और आदिवासियों पर हमला बोल रहे हैं। बीजेपी वाले खुद अपनी पोल खोलते हैं। पीएम 1945 के जर्मनी या 2024 के रूस से प्रेरित है लेकिन उनकी प्रेरणा भारत से नहीं आई। बीजेपी की संविधान बनाने में कोई भूमिका नहीं है फिर भी उनके नेता संविधान बदलने की बात करते हैं।



