पिछोर । सामुदायिक स्वास्थ्य पिछोर केंद्र पर पांच साल पहले नसबंदी कराने वाली महिला का सफल ऑपरेशन कर उसे फिर से गर्भधारण के योग्य बनाया है। 26 वर्षीय महिला का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पदस्थ डॉक्टरों द्वारा रीकैनलाइजेशन आफ फेलोपियन ट्यूब पद्धति से ऑपरेशन किया गया है। अब वह फिर से मां बन सकेगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 22 फरवरी को खनियांधाना के एक ग्राम में रहने वाली महिला पिछोर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आई। महिला ने बताया कि उसने करीब 5 साल पहले नसबंदी कराई थी। संयोग की बात यह भी रही कि उस समय स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. बृजेश कुमार शर्मा द्वारा नसबंदी ऑपरेशन किया गया था। अब नसबंदी खोलने का ऑपरेशन भी डॉ. शर्मा ने ही किया। महिला के पहले पति की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उसने पुर्नविवाह किया और दूसरा पति बच्चा चाहता था, लेकिन महिला नसंबदी करा चुकी थी। इस संबंध में दंपत्ति डॉ. शर्मा के पास आए। अभी तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर इस तरह के ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। यहां तक की जिले में भी यह ऑपरेशन नहीं होता है इसके लिए ग्वालियर जाना पड़ता है। डॉ. शर्मा ने इसे चुनौती के रूप में लेते हुए आवश्यक इंतजाम कर प्रदेश में पहली बार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक किया। सात दिनों की निगरानी के बाद महिला को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। डॉ. शर्मा ने बताया कि निजी अस्पतालों में इस ऑपरेशन का खर्च 30 हजार रुपये तक आता है। अब यह सुविधा पिछोर केंद्र पर भी होगी। हालांकि नसबंदी खोलने में सफलता की गुंजाइश 30 से 50 फीसद ही होती है।
डाक्टर ने अपने खर्च पर मंगवाए उपकरणः इस ऑपरेशन को करने के लिए जिन उपकरणों की जरूरत होती है वह सामुदायिक केंद्र में नहीं थे। डॉ. शर्मा ने अपने खर्च पर मुंबई से कुछ उपकरण मंगवाए जिससे ऑपरेशन किया जा सके। ऑपरेशन में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपा शर्मा, एनेस्थेटिक डॉ. आदित्य सिंह चौहान, स्टाफ नर्स, राजो लोधीी, सपना वंशकार, कुमारी ईश्वरी के साथ टेक्नीशियन राजेश भारती व सुनीता भगत के सहयोग से एक घंटे में यह ऑपरेशन किया। अब यह सुविधा अन्य मरीजों के लिए भी उपलब्ध होगी। डॉ. शर्मा ने बताया कि जल्द ही यहां हिस्ट्रेक्टॉमी अर्थात बच्चेदानी का ऑपरेशन किए जाने की भी सुविधा भी उपलब्ध कराने के प्रयास कर रहे हैं।




