शिवपुरी। तहसील पिछोर अंतर्गत ग्राम पंचायत दवियाकला मजरा रामनगर के कुछ किसानों ने कीटनाशक दवा के कारण फसल खराब होने की शिकायत की गई। मंगलवार को किसान कृषि विभाग एसडीओ कार्यालय पिछोर पर कीटनाशक दवा के डिब्बे लेकर शिकायत दर्ज कराने पहुंचे। हालांकि उन्हें एसएडीओ नहीं मिल पाए और वह अपनी समस्या को लेकर परेशान होते दिखे। दवियाकला निवासी किसानों का आरोप था कि लगभग एक माह पूर्व पूर्व मूंगफली की बौनी करते समय मूंगफली बीज में मिलाने के लिए कीटनाशक बीएएसएफ कंपनी जिलोरा नाम की दवा ले गए थे। दवा का एक पैकेट 1250 रुपये की कीमत का 400 ग्राम का था। जिन्हें उन्होंने बाकायदा प्रोडक्ट पर लिखें निर्देश के अनुसार मूंगफली में मिलाकर बोवनी कर दी और पौधा भी अच्छा निकला। फिर जब बारिश हुई तो मूंगफली पौधा पूरी तरह मर गया। किसान प्रकाश लोधी, मोहर सिंह लोधी, रामकुमार लोधी, शीतल लोधी, त्रिलोक लोधी, राजपाल लोधी तथा रामगोपाल लोधी आदि सभी ने अपने कुल मिलाकर लगभग 70 से 80 बीघा जमीन में लगभग 24 क्विंटल मूंगफली का बीज डाल दिया था। इसमें कीटनाशक दवा ने पूरी तरह पौधों को नष्ट कर दिया। इन किसानों के अनुसार लगभग 3 लाख रुपए से अधिक का बीज दवा के कारण नष्ट हो गया है। वहीं फसल की जुताई बुवाई में जो लागत किसान की लगी वह अलग। किसान अब कभी कार्यालय के तो कभी दवाई विक्रेता के चक्कर लगाते नहीं थक रहे हैं, लेकिन उनका कोई समाधान नहीं हो पा रहा है। किसानों का कहना है कि क्षेत्र में मौसम की बेरुखी और लागत के बाद भी दवा के कारण जो फसल नष्ट हुई है उससे हमारी आर्थिक स्थिति संकट में आ गई है। अब ना तो हमारे पास बीज लेने के लिए ही पैसा रहा और ना ही फसल उगाने के लिए समय बचा है।
यदि किसानों के पास खरीदी हुई दवाई की कोई रसीद है तो वह रसीद के साथ समस्या से मुझे अवगत कराएं। मैं समाधान करवा दूंगा और दोषी पर कार्रवाई भी करुंगा।
शेरसिंह नरवरिया, एसएडीओ, कृषि विभाग पिछोर




