
करैरा।
बेहतर सुविधाओं को उपलब्ध कराने का ढिढोंरा पीटने वाले दूर संचार विभाग की
सेवाओं से उपभोक्ता पूरी तरह से नाखुश हैं। आलम यह है कि विगत दिनों से
नगर के दर्जनों टेलीफोन बंद पड़े हुए हैं, जो शिकायतें किए जाने के बावजूद
नहीं सुधारे जा रहे हैं। टेलीफोन बंद होने के पीछे लाईनों में फाल्ट होना
बताया जा रहा है। बीएसएनएल कंपनी के कर्ताधर्ताओं की मनमानी से उपभोक्ताओं
का विश्वास इस कंपनी से उठता जा रहा है। भारतीय दूर संचार निगम करैरा में
लैंड लाईन एवं ब्रॉडबैंड सेवाएं उपलब्ध कराने वाली एक मात्र कंपनी है। इस
कंपनी के करैरा नगर में लगभग 350 उपभोक्ता हैं। बताया जाता है कि विगत माह
पुल के समीप लाईन डैमेज होने के कारण नगर के फोन बंद होने की शिकायतें
मिलना शुरू हो गईं और धीरे-धीरे खराब फोनों की संख्या तीन दर्जन को पार कर
गई। बताते हैं कि कर्मचारियों की अनदेखी के चलते लाईनों में आए दिन फाल्ट
होते रहते हैं। विगत 20 मार्च को फाल्ट होने के चलते करेरा के दूर संचार
निगम के आफिस सहित नगर के सभी फोन चार घंटे तक बंद पड़े रहे। दिनारा करैरा
में भी काफी संख्या में फोन खराब होने की शिकायत है। टेलीफोन खराब होने की
शिकायतें उपभोक्ताओं द्वारा लिखित एवं मौखिक तौर पर केन्द्र पर जाकर की गईं
लेकिन फोन लाईन ठीक करने वाले पर्याप्त कर्मचारी न होने के कारण फाल्ट
देखने एवं फोन सुधारने में बिलंव हो रहा है। दूर संचार व्यवस्था सुचारू रूप
से नहीं चलने के चलते अनेकों उपभोक्ता कनेक्शन विच्छेद भी करा चुके हैं।
समय पर नहीं पहुंचते बिल
नगर
के चाहे लैंडलाईन उपभोक्ता हो या ब्रॉडबैंड किसी के पास भी समय पर बिल
नहीं पहुंचने की शिकायतें निरंतर बढ़ रही हैं। समय पर बिल नहीं भेजने का
खामियाजा उपभोक्ताओं को पेन्ल्टी देने के रूप में भुगतना पड़ रहा है। करैरा
में तीन सैकड़ा से अधिक लैंडलाईन उपभोक्ता हैं जिनमें से अधिकांश की
शिकायत है कि बिल समय पर नहीं आते और उपभोक्ताओं को पेन्ल्टी से बचने के
लिए स्वयं दूरभाष केन्द्र पर जाकर डुबलीकेट बिल लेने के लिए जाना पड़ता है।
उपभोक्तताओं के अनुसार समय पर बिल नहीं देने के चलते विगत माह मार्च,
अप्रेल माह का बिल एक साथ भरने को मजबूर होना पड़ा।
इनका कहना
मेरा
पिछले 10 दिनों से ब्रॉड बैंड इंटरनेट बन्द है बिल बराबर आ रहा है कोई भी
सुनने बाला नही है। करेरा में बीएसएनल शोपीस बनकर रह गया है।
धर्मेन्द्र भार्गव, शिक्षक करैरा निवासी




