शिवपुरी। चुनाव की घोषणा के बाद प्रदेश कांग्रेस ने शिवपुरी जिले से एक कांग्रेस कार्यकर्ता शिवनंदन पड़रया को कांग्रेस का प्रदेश महामंत्री नियुक्त किया है। श्री पड़रया कोलारस विधानसभा क्षेत्र के निवासी हैं। इसी के साथ पोहरी से कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ रहे सुरेश राठखेड़ा के स्थान पर किसान कांग्रेस का जिलाध्यक्ष सुरेश बेड़िया को बनाया गया है। सुरेश बेड़िया भी कोलारस विधानसभा क्षेत्र के हैं और वह पूर्व मंत्री स्व. पूरन सिंह बेड़िया के पुत्र हैं। कांग्रेस राजनीति में कोलारस क्षेत्र से लगातार हो रही नियुक्तियों से अन्य विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेसियों में निराशा का वातावरण है और उनका सवाल है कि क्या जिले की पूरी कांग्रेस कोलारस में बसती है। पदों के आबंटन में कोलारस के अलावा अन्य विधानसभा क्षेत्रों के प्रति पक्षपात का रवैया क्यों अपनाया जाता है?
एक वरिष्ठ कांग्रेसी ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद पर वर्षों से कोलारस के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की नियुक्तियां होती आ रही हैं। स्व. रामसिंह यादव अनेक वर्षों तक जिला कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। श्री यादव खतौरा से हैं और उनके बाद कोलारस के ही स्व. लालसाहब यादव को जिला कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया। उनके निधन के बाद कांग्रेस ने स्व. रामसिंह यादव को पुन: अध्यक्ष बना दिया और कोलारस विधायक बनने के बाद भी उनका अध्यक्ष पद कायम रहा। स्व. यादव के निधन के बाद कांग्रेस ने कोलारस के ही बैजनाथ सिंह यादव को जिलाध्यक्ष नियुक्त कर दिया जबकि उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कमला बैजनाथ सिंह यादव जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर थीं। बैजनाथ सिंह यादव को जिलाध्यक्ष बनने से पूर्व प्रदेश कांग्रेस का महामंत्री बनाया गया था। प्रदेश कांग्रेस महामंत्री पद पर सांसद प्रतिनिधि हरवीर सिंह रघुवंशी का मनोनयन हुआ और इसके बाद प्रदेश कांग्रेस के दूसरे महामंत्री भी कोलारस के शिवनंदन पड़रया बना दिए गए। किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष का पद रिक्त हुआ तो इस पद पर भी कोलारस क्षेत्र के सुरेश बेड़िया की नियुक्ति कर दी गई। ऐसे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का सवाल है कि अन्य विधानसभा क्षेत्रों से भी कांग्रेस को उतना ही महत्व मिलता है, फिर कोलारस के प्रति विशेष लाड़ प्यार क्यों? पदों के इस पक्षपातपूर्ण आबंटन से जिले के अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हताशा और निराशा है। एक युवक कांग्रेसी ने बताया कि यदि एनएसयूआई और युवक कांग्रेस के पदाधिकारियों का मनोनयन होता है तो वे भी कोलारस से ही बनते। यहां तक आरोप मढ़े गए कि शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने सिद्धार्थ लढ़ा को भी टिकट इसलिए दिया है, क्योंकि वह कोलारस क्षेत्र के निवासी हैं।
कांग्रेस- राजनीति में आखिर कोलारस क्षेत्र के लोगों को ही क्यों मिलता है महत्व…?
अन्य विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में निराशा




