
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में गृहमंत्री का जिम्मा संभाल रहे अमित शाह आज लोकसभा में जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन विधेयक पेश करेंगे। ये उनका लोकसभा में पहला बिल होगा। एनडीए की दूसरी बार सरकार बनने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सरकार में नई भूमिका में नजर आ रहे हैं। ऐसे में उनके इस बिल पर सबकी निगाहें भी जमी हुई है। यह बिल पूर्व में विधेयक के तौर पर लागू हो चुका है, ऐसे में अमित शाह सदन में इस बिल के महत्व के बारे में भी बोलेंगे।
उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी 2019 को कैबिनेट ने जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन विधेयक को मंजूरी दी थी। इसे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा अनुमति दी गई थी।
इस विधेयक में जम्मू कश्मीर के आर्थिक तौर पर कमजोर लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने की बात कही गई है। इससे राज्य की सरकारी नौकरियों में किसी भी धर्म और जाति के जम्मू कश्मीर के आर्थिक तौर पर कमजोर युवाओं को रोजगार मिल सकेगा।
आर्थिक तौर पर कमजोर लोगों को 10 फीसदी आरक्षण दिए जाने का 103वां संशोधन विधेयक जनवरी 2019 में पास किया गया था। अमित शाह के द्वारा जम्मू कश्मीर विधेयक को सदन में रखने से शुरुआत करने के कई राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
बता दें कि चुनाव अभियान के दौरान अमित शाह ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने का वादा किया था। इस धारा के तहत जम्मू कश्मीर को खुद का संविधान, ध्वज लागू करने की मान्यता है। इसके साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों को छोड़कर राज्य को अपने नियम खुद बनाने की छूट है।
भाजपा ने अपने चुनावी घोषणापत्र में भी बार-बार जम्मू कश्मीर से धारा 35A को भी हटाने का कहा है। जो किसी बाहरी व्यक्ति को जम्मू कश्मीर में बसने और संपत्ति खरीदने की अनुमति नहीं देती है।



