शिवपुरी। जिले की नरवर तहसील के ग्राम कैरुआ में वर्ष 2002-03 में स्वीकृत इंदिरा आवास योजना की एक कुटीर को लेकर विवाद सामने आया है। गांव निवासी मलखान पुत्र रघुवीर रावत ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर आरोप लगाया है कि उनकी स्वीकृत कुटीर को लेकर गलत तरीके से कार्रवाई की गई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित पट्टा निरस्त करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, मलखान का कहना है कि वर्ष 2002-03 में उन्हें इंदिरा आवास योजना के तहत कुटीर स्वीकृत हुई थी और उसी परिसर में उनका परिवार निवास करता है। उन्होंने दावा किया कि उनके भतीजे नाथू सिंह भी उनकी सहमति से वहीं रह रहे हैं।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि ग्वालियर निवासी अरुण कुमार जाटव ने कथित रूप से उक्त भूमि के संबंध में पट्टा प्राप्त कर लिया और कुटीर तोड़ने की धमकी दी। आवेदक का कहना है कि इस मामले में की गई प्रशासनिक कार्रवाई के चलते उनके भतीजे को जेल भी भेजा गया, जबकि कुटीर उनके नाम पर स्वीकृत है।
मलखान ने कलेक्टर से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित पट्टे की वैधता की समीक्षा करने तथा तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की मांग की है।





