उत्साह के साथ मना नाग पंचमी का पर्व फोटो 28 शिव 3 शिवपुरी। शहर सहित अंचलभर में श्रावण शुक्ल पक्ष पंचमी को नागपंचमी का पर्व नाग देवता के सम्मान में बड़े भी उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। भक्तों ने मंदिरों पर पहुंचकर दूध चढ़ाकर नाग देवता जी की पूजा विधि विधान से की। भक्तों ने तक्षक पूजा, श्री नाग चंद्रेश्वर का दर्शन पूजन भी किया गया। लोगों का मानना है कि इससे बल, पौरुष, ज्ञान-बुद्धि एवं तर्क शक्ति के परीक्षण का पर्व है। उल्लेखनीय है कि सावन मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी को नागपंचमी का त्योहार मनाया जाता है। इस बार नागपंचमी का पर्व 27 जुलाई को भी मनाया। कुछ स्थानों पर यह त्योहार आज 28 जुलाई को मनाया गया। नागपंचमी लेकर कई धार्मिक एवं लोक मान्यताएं हैं। नागपंचमी को मनाने के पीछे एक लोक मान्यता है कि सावन के महीने में बरसात अधिक होने के कारण सर्प अपने बिलों से बाहर निकल आते हैं और दूसरा बसेरा ढूंढते हैं। सांप घर में न घुसे, मनुष्यों को हानि ना पहुंचाए, इसलिए नागपंचमी पर इनकी पूजा की जाती है और इन्हें दूध भी पिलाया जाता है और इनकी पूजा की जाती है। शास्त्रों में पंचमी तिथी के स्वामी नाग होते हैं। ये चूहों से फसलों की रक्षा करते हैं इसलिए इनकी पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान कृष्ण ने इसी दिन गोकुलवासियों को कालिया नाग के आतंक से बचाया था। कालिया पर कृष्णा की विजय के बाद इस दिन को नाग पंचमी के रूप में श्रद्धा भक्ति से मनाया जाता है।