राजकुमार यादव बदरवास।
जिले के बदरवास कस्बे में प्रतिदिन शासकीय स्कूल में टीचर तो बकायदा स्कूल
समय पर पहुंचते है परंतु इस स्कूल में छात्र नहीं जाते। नहीं जाने का कारण
आप सुनेगें तो चौक जाऐंगे। और वह कारण है स्कूल में बिंल्डिग का नहीं
होना। जिसके चलते स्टूडेंट स्कूल जाने से कतराते है। इस स्कूल की इस स्थिति
ने शिक्षा विभाग के दाबों की पोल खोल दी है।
जिले के बदरवास कस्बे में प्रतिदिन शासकीय स्कूल में टीचर तो बकायदा स्कूल
समय पर पहुंचते है परंतु इस स्कूल में छात्र नहीं जाते। नहीं जाने का कारण
आप सुनेगें तो चौक जाऐंगे। और वह कारण है स्कूल में बिंल्डिग का नहीं
होना। जिसके चलते स्टूडेंट स्कूल जाने से कतराते है। इस स्कूल की इस स्थिति
ने शिक्षा विभाग के दाबों की पोल खोल दी है।

जानकारी के अनुसार बदरवास जनपद के वारई गांव के पास श्री रामपुरा गांव की
बस्ती शासकीय स्कूल तो शासन ने प्रारंभ कर दिया। परंतु इसे प्रांरभ करने के
बाद शासन इस और ध्यान देना भूल गया। इस स्कूल के प्रारंभ होने के बाद से
आज तक झूठे दावे करने वाला शिक्षा विभाग आज तक स्कूल का निर्माण नहीं करा
सका।
बस्ती शासकीय स्कूल तो शासन ने प्रारंभ कर दिया। परंतु इसे प्रांरभ करने के
बाद शासन इस और ध्यान देना भूल गया। इस स्कूल के प्रारंभ होने के बाद से
आज तक झूठे दावे करने वाला शिक्षा विभाग आज तक स्कूल का निर्माण नहीं करा
सका।
बताया गया है कि बर्षो से संचालित इस स्कूल में भवन नहीं है जिसके कारण
बच्चे खुले में बैठते हैं जब बरसात का समय होता है तो ऐसे में बच्चे कहाँ
पर बैठेंगे। इसलिए बच्चे स्कूल में पडऩे नही आते हैं। ग्रामीणों का कहना है
कि प्रशासन को कई बार शिकायत करने के बाद भी हमारी समस्या की सुनवाई नहीं
हो रही है इस बात की शिकायत भी हम कई बार कर चुके हैं। इस स्कूल में 48
बच्चे दर्ज हैं लेकिन बच्चे स्कूल नहीं पहुँचते हैं।
बच्चे खुले में बैठते हैं जब बरसात का समय होता है तो ऐसे में बच्चे कहाँ
पर बैठेंगे। इसलिए बच्चे स्कूल में पडऩे नही आते हैं। ग्रामीणों का कहना है
कि प्रशासन को कई बार शिकायत करने के बाद भी हमारी समस्या की सुनवाई नहीं
हो रही है इस बात की शिकायत भी हम कई बार कर चुके हैं। इस स्कूल में 48
बच्चे दर्ज हैं लेकिन बच्चे स्कूल नहीं पहुँचते हैं।






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