खनियांधाना और बदरवास में होंगे पहले चरण के चुनाव
शिवपुरी। पंचायत चुनाव की घोषणा हो चुकी है और जिले में तीन चरणों में यह चुनाव होगा। आचार संहिता लागू होने के साथ प्रशासन ने धारा 144 लागू करने के साथ अन्य आवश्यक निर्देश भी जारी कर दिए हैं। शनिववार को कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह इस संबंध में पूरी जानकारी पत्रकारों के साथ साझा की। जिले में पंच के करीब 9748, सरपंच के 587, जनपद सदस्य के 193 और जिला पंचायत सदस्य के 25 पदों के लिए चुनाव होना है। करीब 9.75 लाख मतदाता इन 10500 से अधिक पदों के लिए प्रत्याशियों के भविष्य का फैसला करेंगे। प्रथम चरण 25 जून जनवरी, िद्वतीय चरण 1 जुलाई एवं तृतीय चरण 8 जुलाई 2022 को तीन चरणों में मतदान प्रक्रिया संपन्न होगी। जिले में खनियाधाना और बदरवास में प्रथम चरण में, पिछोर, नरवर व कोलारस में द्वितीय चरण में और पोहरी, करैरा व शिवपुरी विकासखंड में तीसरे चरण में मतदान होगा। इसके लिए 1758 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। सभी तैयारियां लगभग पूर्व में तय चुनावों के अनुसार ही हैं। हालांकि जनपद सदस्य और जिला पंचायत के सदस्य क्रमश: एक व दो बढ़े हैं। पूर्व में भी यही क्रम निर्धारित था और मतदान केंद्रों की संख्या भी यही थी। सिर्फ एक मतदान केंद्र इस बार बढ़ाया गया है। हालांकि नई प्रकाशित सूची में मतदाताओं की संख्या में मामूली इजाफा हुआ है। मतदान वैलेट पेपर के माध्यम से होगा। पंचायत चुनाव कराने के लिए जिले में करीब 13 हजार कर्मचारियों का अमला है जो विभिन्न दायित्व निभाएगा।
कलेक्टर ने बताया कि शिवपुरी के मतदान केंद्रों पर मारपीट, लूटपाट व पेटी फेंकने जैसी कई घटना होती है इसलिए मतगणना ब्लॉक स्तर पर की जाएगी। वहीं आचार संहिता लगा दी गई है जिसके तहत लाउडस्पीकर, डीजे, बैंड, जूलूस, धरना व हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा। ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग की अनुमति ग्राम पंचायत क्षेत्रों में सुबह 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक दी जा सकेगी। रात्रि 10 बजे से प्रात: 06 बजे के बीच किसी भी स्थिति में अनुमति नहीं दी जाएगी
दिसंबर में जब पंचायत चुनावों की घोषणा हुई थी तब नामांकन के दौरान कई पंचायतों में विवाद सामने आए थे। कोलारस के इमलावदी में तो लोकतंत्र को ताक पर रखकर लाखों रुपये की बोली लगाकर सरपंच की दावेदारी ही खरीद ली गई थी। लुकवासा में दूसरे प्रत्याशी का नामांकन छीन लिया गया था। कई गांवों में अपहरणा और मारपीट की घटनाएं भी हुईं। इन पुरारे रिकार्ड और फीडबैक के आधार पर संवेदनशील पंचायतों की सूची तैयार की जा रही है। इस संबंध में आज बैठक का भी आयोजन किया जाएगा। जो केंद्र संवेदनशील के रूप में चिन्हित होंगे वहां पर सुरक्षा की अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी।






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