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सतनबाड़ा—नरवर मार्ग, सीएमएम इंफ्रा स्ट्रक्चर इंदौर व एमपीआरडीसी ने लगाया पलीता, 7 साल भी अधूरा है मार्ग / Shivpuri News

शिवपुरी। लगभग 47 करोड़ की लागत से बनने वाला सतनबाड़ा—नरवर मार्ग आज 7 साल बीत जाने के बाद भी अधूरा पडा हुआ है। यह काम दो साल के अंदर पूरा होना था लेकिन जिस कंपनी ने ठेका लिया उसने पेटी पर काम दे दिया और जिन्होंने पेटी पर काम लिया उसका कंपनी द्धारा भुगतान नहीं किया गया। अब एक और ठेकेदार ने पेटी पर काम लिया है लेकिन वह घटिया स्तर का काम करवा रहा है और घटिया निर्माण कार्य के बिल लगाकर राशि का भुगतान लिया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार नरवर—सतनबाड़ा के लिए 2015 तके टू लेन मार्ग स्वीकृत हुआ था। इस मार्ग को बनाने के लिए ठेका सीएमएम इंफ्रा स्ट्रक्चर इंदौर द्धारा लिया गया था। इस काम को ठेकेदार द्धारा दो साल यानि कि 2017 में पूर्ण करना था और इस काम की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी एमपीआरडीसी चंबल पर थी। टेंडर लेने के बाद सीएमएम इंफ्रा स्ट्रक्चर प्रा.लि. कंपनी द्धारा काम शुरू किया गया। यहां कंपनी द्धारा पेटी पर काम सौंप दिया गया लेकिन हाल यह रहे कि काम शुरू होते ही बंद होने लगा। कारण था कंपनी द्धारा पेटी कांट्रेक्टरों का भुगतान न करना। वहीं सबसे बडी कमी एमपीआरडीसी चंबल की रही जिन्होंने इस कार्य की मॉनिटरिंग नहीं की। कंपनी व एमपीआरडीसी के अधिकारियों की मिलीभगत के कारण यह मार्ग भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया और 7 साल बाद भी इस मार्ग का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। ठेकेदार नीलेश जैन ने बताया कि सतनबाड़ा—नरवर मार्ग को ​जिस कंपनी ने ठेके पर लिया उसने शुरू से ही इसको पलीता लगाया है और अधिकारियों से मिलकर घटिया निर्माण कार्य बिल लगाकर राशि निकाल ली गई है। नीलेश ने बताया कि पेटी कांट्रेक्टरों का भुगतान न होने के कारण अभी तक लगभग पांच ठेकेदार बदल चुके हैं। अब नए ठेकेदार ने पेटी पर काम किया है उसके द्धारा जो स्ट्रेक्चर तैयार किया जा रहा है वह बेहद ही घटिया स्तर का है और इस मार्ग पर पौधे भी लगने थे वह भी नहीं लगाए गए और फर्जी बिल लगाकर अधिकारियों से मिली भगत कर लाखों की राशि का गोलमाल कर दिया है। वहीं एमपीआरडीसी चंबल का कोई भी अधिकारी मॉनिटरिंग करने के लिए नहीं आ रहा है।

150 ग्राम पंचायतों को जोड़ता है मार्ग

लगभग 55 किलोमीटर वाला यह मार्ग 150 ग्राम पंचायतों को जोड़ता है। इस मार्ग पर प्रतिदिन एक सैकड़ा से अधिक बसें निकलती है। वहीं दो-पहिया व चार पहिया वाहन भी इस मार्ग से गुजरते हैं। इस मार्ग का काम आज दिनांक तक पूर्ण नहीं हो पाया है और न ही कोई भी अधिकारी इस ओर ध्यान दे रहा है।

 

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