कोलारस को मंदसौर बनाने की तैयारी में मंडी कर्मचारी

कोलारस –// कोलारस की मंडी में किसानों के साथ बुरा हाल है सिर्फ मंडी कर्मचारियों और की जेबें भरते जाए और माल तुलाते जाए , फिर चाहे माल कैसा भी हो चाहे अच्छा हो या खराब , किसानों के अच्छे माल को  खराब और व्यापारी के  खराब माल को अच्छा  अगर करवाना हो तो  कोलारस मंडी से  अच्छी जगह नहीं मिलेगी  क्योंकि यहां तो सिर्फ टोकन चलता है  जिसके टोकन में दम हो और वजन ज्यादा हो  उसी का  माल तुलता है हितों की बात की जाए , तो किसानों का सबसे ज्यादा शोषण सिर्फ और सिर्फ कोलारस मंडी में जो रहा है ।।
आज इसी क्रम में एक घटना और सामने आई आज हमारे कुछ किसान भाई माल तुलवाने मंडी में गए थे , और उनका सबसे अच्छा क्वालिटी की उपज थी , फिर भी उसको रिजेक्ट कर दिया गया और फिर मामले में मंडी कर्मचारियो से बात की तो बोले हमारी मर्जी जिसकी चाहे उसकी तौलेंगे , फिर किसान ने निवेदन किया कि साहब मेरी फसल में क्या खराबी है ये तो बताओ , फिर कर्मचारियो ने बोला खराब मतलभ खराब समझे , तभी किसान जाने लगा एक आदमी आकर किसान से बोला कि कुछ दिलवा दो फसल तुल जाएगी , उसने पूछा कैसे तुल जाएगी वो तो खराब बता रहे है , फिर वह व्यक्ति बोला खराब तो बताई ही जाती है माल की वजह से खराब और अच्छी सब हो जाती है माल मिले तथा चलेगी नहीं तो नहीं , तो किसान पूरा माजरा समझ गए और फसल तौलने के लिए मंडी कर्मचारियो से जिद करने लगे कि हमारी फसल सही है और उसको तौला जाए जबकि कई फसले जो तौले जा रही थी वो निम्न गुणवत्ता वाली थी और तुल रही थी , किसानों के विरोध के बाद मंडी कर्मचारियो ने किसानों के साथ गाली गलौच ,अभद्रता एवं मारपीट पर उतर जाए किसानों पर इस तरीके का अत्याचार मंडी कर्मचारियों के द्वारा कहां तक उचित है । इस पूरे घटना क्रम में मुख्य रूप से महेंद्र पाठक , ब्रजेश पाठक और अर्जुन रावत और इनके प्राइवेट बदमाश जो किसानों को मारने पीटने के लिए रखे गए है ।

किसानो के कुछ सवाल सरकार से

क्या कांग्रेस सरकार में भी किसानों पर शोषण जारी रहेंगे ?

क्या किसानों पर जारी रहेगा मंडी कर्मचारियों का सितम ?

क्या ऐसे की जारी रहेगा 500 से 1000 रुपए प्रति कुन्टल का खेल ?

क्या लगता रहेगा सरकार को करोड़ों का चूना ?

क्या मिलेगी कर्मचारियो को सजा ?

क्या होंगे किसानों को मारने वालों पर मुकदमे दर्ज या फिर ऐसे ही पिटेंगे किसान  ?

अगर नही हुई 24 घंटे में सुनवाई तो होगा बड़ा आंदोलन
अगर किसानों पर अत्याचार नही रुके तो किसानों एक बार फिर मंडी कर्मचारियो के खिलाफ भूख हड़ताल करेगे और किसानों के ऊपर हुए शोषण की सजा उन मंडी कर्मचारियों को मिलनी चाहिए