महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष बनीं ऊषा, शशि बोलीं, सिंधिया कहेंगे तो ही हटूंगी-shivpuri news

शिवपुरी। महिला कांग्रेस कमेटी बीते कुछ दिनों से चर्चाओं में है। बीते रोज जिलाध्यक्ष शशि शर्मा और पूर्व जिलाध्यक्ष ऊषा भार्गव के बीच मुहंवाद हुआ था। नतीजे में शुक्रवार की देर रात महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष माडवी चौहान का एक पत्र ऊषा भार्गव को मिला जिसमें अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव की स्वीकृति के बाद ऊषा को महिला कांग्रेस का जिलाध्यक्ष बनाया गया है। यह खबर शनिवार को जैसे ही आम हुई जिले में चर्चाओं का दौर चल निकला। इस बदलाव को बीते रोज सिंधिया जनसंपर्क कार्यालय में बैठक के दौरान महिला नेत्रियों की भिडंत से जोड़कर देखा जा रहा है। इस बारे में जब जिलाध्यक्ष शशि शर्मा से बात की गई तो उनका कहना था कि वे सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा जिलाध्यक्ष बनाईं गईं थी और यदि सिंधिया उन्हें हटाएंगे तो वे पद छोड़ देंगी, लेकिन वे किसी माडवी चौहान को नहीं जानती और माडवी उन्हें हटाने वाली कौन होती हैं। इस बारे में जिलाध्यक्ष बनी ऊषा भार्गव का कहना है कि वे कोई भी बात मीडिया के समक्ष कहेंगी जबकि प्रदेश अध्यक्ष माडवी चौहान ने कहा कि उन्हें शिवपुरी में शशि शर्मा और ऊषा भार्गव के बीच झगड़े की शिकायत मिली थी, शशि शर्मा को सांसद सिंधिया की अनुशंसा पर जिलाध्यक्ष बनाया गया था और अब ऊषा भार्गव को उन्हीं की सहमति से जिलाध्यक्ष बनाया गया है। जहां तक शशि शर्मा का सवाल है वे उन्हें नहीं जानतीं। कुल मिलाकर महिला कांग्रेस नेत्रियों के बीच यह तकरार पहली बार सामने आई है और दूर तलक तक आपसी द्वंद जारी रहने के आसार नजर आ रहे हैं। कुछ कांग्रेसजनों का कहना है कि अब तक इस पद पर कई महिला नेत्रियां आसीन रहीं लेकिन झगड़े की नौबत कभी नहीं आई बल्कि अापसी समन्वय और एकजुटता से महिला कांग्रेस नेत्रियों ने काम किया। पहला मौका है कि मंचासीन होने को लेकर कुछ दिनों पहले महिला नेत्रियों के बीच विवाद हुआ और उसके नतीजे में नेतृत्व ने बदलाव तक कर डाला। अब जबकि लोकसभा चुनाव सामने हैं ऐसे में महिला कांग्रेस की जिम्मेदारी भी बढ़ी हुई जान पड़ती है।