
भगवान कृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया
दिनारा। क्षेत्र के ग्राम कुचलौन में श्रीमद् भागवत महापुराण एवं ज्ञान यज्ञ कथा का आयोजन 20 मई से प्रतिदिन दोपहर 12 से 6 बजे तक एवं रात्रि 7 से 12 बजे रासलीला का आयोजन हो रहा है। भागवत कथा के चौथे दिन भागवत उपासक पं. नरेन्द्र शास्त्री जी महाराज के मुखारविंद से भगवान कृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया जा रहा है। इसी क्रम में भगवान कृष्ण का जन्मउत्सव पंडाल में धूमधाम से मनाया गया इस दौरान कृष्ण की जीवन्त झांकियां भी सजाई गई एवं उपस्थित श्रद्धालु के द्वारा कृष्ण जन्म उत्सव की खुशी में झूमकर नृत्य किया गया एवं खुशियां मनाई गई। भागवत कथा वाचन के दौरान पं. नरेन्द्र शास्त्री ने बताया कि मथुरा के कारागार में जैसे ही आठवें पुत्र के रूप में श्री कृष्ण का जन्म हुआ तो कारागार में लोहे की बेडिय़ों में जकड़े हुए वासुदेव व देवकी की लोहे की जंजीरे अपने आप ही टूट जाती है और कारागार के दरवाजे स्वयं ही खुल जाते हैं और वासुदेव बालकृष्ण को लेकर यमुना नदी के पार गोकुलधाम नंद बाबा वा यशोदा मैया के यहां छोड़ कर आ जाते हैं। उसके बाद गोकुलधाम में कृष्ण का जन्म उत्सव गांव वालों के साथ मिलकर धूमधाम से मनाया जाता है। आगे पंडित ने श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का विस्तार सेे वर्णन किया और कहां की मनुष्य जन्म लेकर भी जो व्यक्ति पाप के अधीन होकर इस भागवत रूपी पुण्य दायिनी कथा का श्रवण नहीं करते तो उनका जीवन ही बेकार है और जिन लोगों ने इस कथा को सुनकर अपने जीवन में इसकी शिक्षाएं आत्मसात कर ली मानो उन्होंने अपने कुल का उद्धार कर लिया। श्रीमद् भागवत कथा साक्षात भगवान कृष्ण का दर्शन है इसलिए भागवत कथा को सुनकर अपने जीवन में आत्मसात करें। भागवत कथा के उपरांत महाआरती की गई।




